स्किन एलर्जी से बचाव के लिए कौन-से घरेलु या आयुर्वेदिक उपचार है मददगार ?

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स्किन एलर्जी से बचाव के लिए कौन-से घरेलु या आयुर्वेदिक उपचार है मददगार ?

  • October 6, 2023

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स्किन जोकि हमारे शरीर का बहुत ही अमूल्य गहना है। वहीं हमारी स्किन या त्वचा पानी, प्रोटीन, वसा और खनिजों से बनी होती है। इसलिए स्किन का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। लेकिन बदलते मौसम या किसी खास चीज के निकट आने पर हमारी त्वचा कुछ प्रकार की एलर्जी को महसूस करती है जिसका काफी गलत प्रभाव देखने को मिलता है। तो चलिए जानने की कोशिश करते है की स्किन एलर्जी की समस्या से हम कैसे खुद का बचाव आसानी से कर सकते है, और इस तरह की समस्या है क्या ;

स्किन एलर्जी की समस्या क्या है ?

  • जब त्वचा पर दाने, मुँहांसे और एलर्जी हो जाती है, तो ऐसे में त्वचा की सुंदरता में काफी गिरावट आ जाती है। इसी के साथ-साथ ये एलर्जी हमारे स्वास्थ्य के लिए भी नुक़सानदेह हो जाती है। 
  • हमारी त्वचा पर होने वालें इरिटेशन या किसी भी तरह का संक्रमण जिसके कारण त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते या तनाव उत्पन्न हो उसे स्किन एलर्जी के नाम से जाना जाता है। 
  • स्किन एलर्जी का अर्थ ये होता है कि किसी विशेष चीज़ के प्रति हमारी त्वचा पर काफी गलत प्रभाव नज़र आने लगता है। और इस गलत प्रभाव के कारण हमारी त्वचा का हाल बदतर हो जाता है।

स्किन एलर्जी की समस्या के बारे में विस्तार से जानने के लिए आपको बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर का चयन करना चाहिए।

स्किन एलर्जी के कारण क्या है ? 

स्किन एलर्जी के कारणों को तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है, जैसे ;

  • मनोवैज्ञानिक कारण।
  • आहार संबंधी कारण।
  • बाहरी कारण। 

तो बात करें मनोवैज्ञानिक कारण की तो इसमें ;  

  • तनाव या चिंता में रहना। 
  • छोटी से बात पर गुस्सा आना।
  • नींद में कमी का मेहसूस होना।
  • बहुत ज़्यादा सोचना।

आहार संबंधी कारणों की बात करें तो इसमें ;

  • मसालेदार, तला हुआ, वसायुक्त भोजन जैसे पनीर, तले हुए आलू, का अधिक सेवन असंतुलन पित्त और अग्नि संबंधी समस्या को उत्पन्न कर सकते है।
  • खट्टे, नमकीन भोजन जैसे सॉस, सिरका का अधिक सेवन करना।
  • नमकीन भोजन का अधिक सेवन करना।
  • विरुद्धाहार का सेवन रोजाना करना।
  • दही के साथ मछली का सेवन करना।
  • दूध के साथ खट्टे फल जैसे मिल्क शेक का सेवन।

वहीं बाहरी कारणों की बात करें ;

  • तो इसमें व्यक्ति की स्किन प्रदूषित रासायनिक गैसों के संपर्क में आने की वजह से ख़राब हो जाती है।  
  • मजबूत रासायनिक सौंदर्य प्रसाधन (ब्यूटी प्रोडट्स) का ज्यादा उपयोग करना।
  • कीट के काटने की वजह से भी ये समस्या हो सकती है। 
  • पौधे, मौसम जैसे बाहरी कारकों के संपर्क में आने की वजह से भी ये समस्या हो सकती है।

स्किन एलर्जी के दौरान किस तरह के लक्षण नज़र आते है ! 

  • शरीर के किसी हिस्से में रैश की समस्या का होना। 
  • खुजली की समस्या का सामना करना। 
  • स्किन के किसी भी हिस्से में लाली का आना। 
  • स्किन सूजन की समस्या का सामना करना।  
  • त्वचा पर उभार का आना। 
  • त्वचा का परतदार या पपड़ीदार होना। 
  • त्वचा का फटना आदि। 
  • इसके लक्षण गंभीर न हो इससे पहले ही आपको स्किन एलर्जी का इलाज अनुभवी डॉक्टरों से जरूर करवा लेना चाहिए।

स्किन एलर्जी के इलाज के लिए कौन-से आयुर्वेदिक उपचार है मददगार ?

  • स्किन एलर्जी से बचाव के लिए आपको “स्वस्थ आहार” का सेवन करना चाहिए। और इन आहारों की बात करें तो इसमें पोषक तत्वों से भरपूर भोजन का सेवन करना विशेष रूप से ताजे फल और पत्तेदार सब्जियां का।
  • मीठे पदार्थ, नमकीन स्नैक्स से जितना हो सकें परहेज करें। 
  • तला हुआ और वसायुक्त भोजन करने से बचें।
  • खट्टे फलों के साथ दूध जैसे भोजन का दैनिक सेवन न करना।
  • “जीवन शैली” का अच्छे से ध्यान रख कर भी आप स्किन संबंधित समस्याओं से आसानी से निजात पा सकते है।
  • त्वचा पंचकर्म के माध्यम से शरीर में विषाक्त पदार्थों के संचय से दूरी बनाकर रखना।
  • एंटीहिस्टामिन दवाएं भी स्किन एलर्जी का खात्मा कर देती है। 
  • एंटीबायोटिक्स की समस्या का सामना करना। 
  • ओटमील बाथ से नहाना ताकि त्वचा मुलायम हो सकें। 
  • प्रचुर मात्रा में विटामिन-सी वाले खाद्य पदार्थ का सेवन भी आपके स्किन एलर्जी की समस्या का जड़ से खात्मा करती है।

त्वचा एलर्ज़ी से बचाव के लिए कौन-सी आयुर्वेदिक जड़ीबूटियां सहायक मानी जाती है ?

  • नीम की पत्तियां जोकि एंटी-ऑक्सीडेंट, विटामिन-ई और ट्राइग्लिसराइड्स से भरपूर होती है, और जो हमारे शरीर में एंटी-एजिंग का काम करती है।
  • झुर्रियां, काले धब्बे पर भी नीम की पत्तियां काम करती है और इसके अलावा ये त्वचा की चमक को और बढ़ाती है।
  • हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल गुण होते है, क्योंकि इसमें करक्यूमिन होता है। तो यह त्वचा की प्राकृतिक चमक का ख्याल रखता है और एलर्जी की प्रतिक्रिया का भी इलाज करता है।
  • एलोवेरा भी आपको स्किन एलर्जी की समस्या से निजात दिलवाने में आपकी पूरी मदद करते है।
  • इसकी सुखदायक और शीतलन क्रिया के कारण सनबर्न, एक्जिमा, मुँहासे के लिए प्राकृतिक मॉइस्चराइजर के रूप में उपयोग किया जाता है।
  • अश्वगंधा पित्त प्रकृति वाले व्यक्ति के लिए त्वचा के सूखेपन को कम करने के लिए आंतरिक और बाहरी रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी मदद से भी त्वचा की एलर्जी संबंधित समस्याओं से व्यक्ति खुद का बचाव बहुत ही आसानी से किया जा सकता है।

त्वचा एलर्जी से बचाव के लिए कौन-से घरेलु उपाय है मददगार ?

  • नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर, उससे रोज नहाने से त्वचा संबंधी समस्याओं से आसानी से निजात पाया जा सकता है।
  • स्वस्थ त्वचा के लिए उचित जलयोजन भी एक अच्छा उपाय है।
  • तिल के तेल से मालिश करने के बाद भाप लेने से भी आप त्वचा की एलर्जी से खुद का बचाव बहुत ही आसानी से कर सकते है।
  • खुजली और रैशेस के लिए एलोवेरा जेल से मसाज करना।
  • फेस पैक में 2 चम्मच दही, हल्दी, बेसन, शहद प्रत्येक 1 चम्मच लेने से भी आप त्वचा संबंधित समस्याओं से आसानी से निजात पा सकते है।
  • पपीता या केला जैसे फलों का फेस पैक बनाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा की चमक बढ़ती है।
  • कुमकुमादि तैला प्रतिदिन रात की मालिश के लिए विशेष रूप से चेहरे की मालिश के लिए उपयोगी मानी जाती है।
  • शहद संक्रमण के इलाज के लिए एंटी-बैक्टीरियल के रूप में काम करता है और मुंहासों को भी कम करता है।

ध्यान रखें :

स्किन एलर्जी से बचाव के लिए किसी भी तरह की दवाई का सेवन बिना डॉक्टर के परामर्श से न लें। और ध्यान रखें की आपको एलर्जी किन चीजों से है।

स्किन एलर्जी के इलाज के लिए बेस्ट आयुर्वेदिक हॉस्पिटल !

स्किन एलर्जी की समस्या अगर आपकी ज्यादा बढ़ जाए तो इससे बचाव के लिए आपको दीप आयुर्वेदा हॉस्पिटल का चयन करना चाहिए। क्युकी इस हॉस्पिटल में आयुर्वेदिक तरीके से स्किन एलर्जी का इलाज काफी अच्छे से किया जाता है।

निष्कर्ष :

स्किन एलर्जी के दौरान अगर आपके शरीर में इसके लक्षण ज्यादा नज़र आने लगे तो बिना देर किए आपको डॉक्टर का चयन करना चाहिए और ध्यान रहें अगर आप आयुर्वेदिक तरीके से इस समस्या का इलाज करवाना चाहते है तो सबसे पहले ये जान लें, की डॉक्टर का अनुभव कितना है क्युकी अगर आप अनुभवी डॉक्टर से इस समस्या का इलाज करवाते है तो आपको किसी भी तरह की शारीरक समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है।

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त्वचा के प्रकार के आधार पर आयुर्वेद की मदद से कैसे रखें त्वचा का ध्यान ?

  • October 5, 2023

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हर व्यक्ति की चाहत होती है की उसकी त्वचा सुन्दर और बेहतरीन दिखे और इसके लिए कई दफा व्यक्ति के द्वारा काफी कुछ किया जाता है। पर त्वचा को ठीक रखने के लिए जरूरी है की आपको इस बात का पता होना चाहिए की आपकी त्वचा किन तीन दोषों के साथ जुडी है। इसके अलावा आयुर्वेद कैसे त्वचा की रक्षा करते है इसके बारे में भी कुछ प्रमुख बातों को आपके सामने प्रस्तुत करेंगे ;

आयुर्वेद के अनुसार स्किन के प्रकार और उनके दोष क्या है ?

आयुर्वेद के अनुसार त्वचा को तीन भागों में विभाजित किया गया है, जिसको वात, पित्त और कफ या कपा के नाम से जाना जाता है, तो चलिए जानते है की इन तीनों का हमारे त्वचा के साथ कैसा संबंध है और इनके असंतुलित होने पर कैसा प्रभाव पड़ता है हमारी त्वचा पर ;  

वात (पवन) दोष :

आयुर्वेद के अनुसार एक वात दोष से पीड़ित व्यक्ति की त्वचा सूखी और खुरदरी होती है, जिसे नियमित रूप से मॉइस्चराइज न करने पर झुर्रियां पड़ जाती है। वात प्रकार की त्वचा में कम फैट जमा होता है और बाहरी और आंतरिक रूप से अधिक मॉइस्चराइजिंग की आवश्यकता होती है। आम भाषा में समझें तो ये ड्राई स्किन का प्रकार है। ऐसे में त्वचा पर तेल आधारित मॉइस्चराइजर का उपयोग करने और अदरक जैसे गर्म मसालों का सेवन करने की सलाह दी जाती है। ऐसे में आपको अश्वगंधा और शहद जैसी चीजों से बने फेस मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि त्वचा की ड्राईनेस कम हो।

तैलीय त्वचा से बचाव के लिए आपको क्या करना चाहिए, इसके बारे में जानने के लिए बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह लें।

पित्त (अग्नि) दोष :

पित्त को आप आसानी से ऐसे समझें कि ऐसे लोगों कि स्किन ऑयली होती है। यानी कि उच्च पित्त वाले लोग तैलीय त्वचा वाले होते है, जिन्हें पिंपल्स आदि की परेशानी ज्यादा होती है। इस प्रकार की त्वचा में पोर्स किसी भी कारण से अधिक सीबम रिलीज करते है। ऐसी त्वचा वाले लोगों को एलोवेरा, हल्दी, और चंदन जैसी ठंडी चीजों को चेहरे पर इस्तेमाल करना चाहिए।

कपा (पानी और पृथ्वी) दोष :

कपा पित्त वाले लोगों की त्वचा ठंडी और ऑयली होती है। इसमें पिंपल्स, वाइटहेड्स और वाटर रिटेंशन होने का खतरा अधिक रहता है। इसमें सबसे ज्यादा जरूरी ये होता है कि आप अपनी स्किन को साफ रखें और उसमें गंदगी जमा न होने दें। ऐसी त्वच में ड्राई ब्रशिंग करने की सलाह दी जाती है। साथ ही इसमें तेल आधारित क्रीम से बचने और नियमित रूप से फेस मास्क इस्तेमाल करने को कहा जाता है।

त्वचा की समस्याओं को दूर करने के लिए किन बातों का ध्यान रखें !

शरीर को हाइड्रेटेड (पानी की कमी न होने दें) रखें :

अपने आप को पूरे दिन हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी है। इससे न सिर्फ शरीर हेल्दी रहता है बल्कि आपकी त्वचा भी स्वस्थ रहती है। हाईड्रेशन को बनाए रखने के लिए खूब पानी पिएं और बीच-बीच में हर्बल टी भी पिएं। हाइड्रेटेड रखने के लिए ऐसे फलों का चयन करें जिसमे पानी की मात्रा ज्यादा हो। कैमोमाइल, अदरक, या नींबू जैसी जड़ी-बूटियों का उपयोग करके चाय बनाएं और इसे दोपहर में अपने पाचन को स्वस्थ रखने के लिए पिए। इससे जब आपका पाचन तंत्र सही रहेगा, तो आपकी त्वचा भी स्वस्थ और हेल्दी रहेगी। इसके अलावा आप हरी सब्जियां खाएं, जिसमें पानी की मात्रा ज्यादा हो।

आप चीनी और नमक का सेवन कम करें :

नमक और चीनी का ज्यादा सेवन सिर्फ आपके ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को ही नहीं प्रभावित करता, बल्कि ये आपके स्किन को प्रभावित करता है। दरअसल, शुगर और सॉल्ट का ज्यादा इस्तेमाल आपकी त्वचा में कोलेजन और इलास्टिन को नुकसान पहुंचाते है। ये दो यौगिक आपकी त्वचा को लोचदार, टोंड और झुर्रियों से मुक्त रखते हैं। पर जब आपके शरीर में इन दोनों की मात्रा बढ़ जाती है, तो आप उम्र से पहले ही बूढ़ें नजर आने लगते है। इसके अलावा इन दोनों का सेवन एक्ने की परेशानी को भी बढ़ा देता है।

ब्रीदिंग एक्सरसाइज और ध्यान करें :

  • शारीरिक तनाव से ज्यादा, मानसिक तनाव त्वचा की सेहत पर भारी असर डालता है। ब्रीदिंग एक्सरसाइज तनाव को दूर करने और अपने मन को शांत करने का एक शानदार तरीका है। सोने से पहले, एक साधारण सांस लेने का व्यायाम करें। श्वास लें और अपने पेट को हवा से भरें। फिर, इसे उठने दें। अपने फेफड़ों को भरें और फिर विपरीत क्रम में धीरे-धीरे सांस छोड़ें। सोने से पहले या दिन के किसी भी समय 5 से 20 मिनट के लिए इसका पालन करें। यह 20 मिनट की प्रक्रिया आपका स्ट्रेस कम कर देगी और स्किन को अच्छा बना देगी।
  • इसके अलावा ध्यान आपकी त्वचा को सुंदर और चमकदार बना सकता है। दरअसल, ध्यान आपके दिमाग को शांत करने में मदद करता है। और जब आपका दिमाग आराम करता है, तो आपके शरीर में सकारात्मक ऊर्जा बहती है, जो आपकी कोशिकाओं को महत्वपूर्ण ऊर्जा से भर देती है। यह न केवल तनाव को कम करता है बल्कि आपकी त्वचा को फिर से जीवित करता है।

नींद की कमी :

रात में नींद की कमी आपको अगले दिन नींद और थका हुआ महसूस कराती है। यह आपकी त्वचा को भी प्रभावित करती है, जिसके चलते आपकी त्वचा अपनी चमक को खो देती है। नींद न पूरी होने के कारण अंडर-आई बैग्स, सैगी स्किन और डार्क सर्कल जैसी समस्याएं होती है। आयुर्वेद का दावा है कि दिन में 7 से 8 घंटे पर्याप्त नहीं हैं बल्कि व्यक्ति को सही समय पर इतने घंटे सोने की कोशिश करनी चाहिए। इसलिए अपने रात की नींद जरूर पूरी करें।

नारियल तेल और एलोवेरा से चेहरे को मॉइस्चराइज करें : 

  • नारियल तेल प्रकृति में ठंडा है और बहुत भारी नहीं है। ये आपके हर तरह की स्किन के लिए बेहतरीन मॉइस्चराइजर की तरह काम करता है। ये सूखी और चिड़चिड़ी त्वचा को अंदर से शांत करता है और त्वचा में नई एनर्जी लाता है। इसलिए रात को सोने से पहले चेहरे पर हल्का सा नारियल तेल लगा कर सोएं और सुबह उठकर गुनगुने पानी से अपना चेहरा धोएं। 
  • इसके अलावा आप एलोवेरा का भी इस्तेमाल कर सकते है। ये न सिर्फ सनबर्न को सही करता है, बल्कि आपकी त्वचा को भी आराम पहुंचाता है। तो आप बस एलोवेरा लें और इसे अपने चेहरे और गर्दन पर लगा लें। इसे 15 से 20 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर इसे सादे पानी से धो लें। इससे आपको अपनी त्वचा निखरी और कोमल नजर आएगी।

कई लोगों को एलोवेरा या नारियल तेल लगाने से त्वचा पर एलर्जी संबंधित समस्याएं हो जाती है, तो ऐसे में आपको स्किन एलर्जी का इलाज करवाना चाहिए।

ध्यान रखें :

खूबसूरत त्वचा की चाहत में आपको किसी भी तरह के उपाय को बिना डॉक्टर के सलाह पर नहीं अपनाना चाहिए, और त्वचा संबंधित समस्याओं से बचाव के लिए आपको दीप आयुर्वेदा हॉस्पिटल का चयन करना चाहिए। 

निष्कर्ष :

त्वचा को बेहतर बनाने में आयुर्वेद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए आयुर्वेद में त्वचा संबंधित जिन भी बातों को बताया गया है उसको अच्छे से समझे और किसी भी तरह के उपायों को अपनाने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूर सलाह लें।