पाचन अग्रि को आयुर्वेद की मदद से कैसे बनाए मजबूत !

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Constipation

पाचन अग्रि को आयुर्वेद की मदद से कैसे बनाए मजबूत !

  • September 23, 2023

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पाचन जिसका हमारे शरीर में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है, वहीं पाचन क्रिया का स्वास्थ्य रहना हमारे लिए बहुत जरूरी है। क्युकी एक स्वास्थ्य पाचन क्रिया के साथ एक स्वास्थ्य शरीर जुड़ा हुआ होता है। इसके अलावा अगर किसी कारणवश आपके पाचन क्रिया में किसी भी तरह की खराबी आ जाए तो इससे हम कैसे खुद का बचाव कर सकते है वो भी आयुर्वेद की मदद से इसके बारे में चर्चा करेंगे ;

पाचन शक्ति कमजोर कैसे होती है ?

  • अगर आपकी पाचन शक्ति कमजोर हो जाए तो इसका सीधा असर आपके सेहत पर भी पड़ता है, इसलिए जरूरी है की आपके पाचन शक्ति में किसी भी तरह की कमजोरी न आए इसके लिए आपको बाहरी खाने की चीजों का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए। 
  • वहीं गलत खाने की चीजों का जब हमारे द्वारा सेवन किया जाता है, तो इसका सीधा असर हमारे शरीर के वात, पित्त और कफ पर भी पड़ता है जिसके कारण पाचन क्रिया हमारी पूरी तरीके से अस्त-व्यस्त हो जाती है। 
  • ज्यादा तली, भुनी और मसालेदार चीजें आपके पाचन पर काफी गहरा प्रभाव छोड़ती है। जिसका सामना आपके सम्पूर्ण शरीर को करना पड़ता है।

पाचन अग्रि को कैसे बनाए मजबूत ?

  • अगर आप चाहते है की आपकी पाचन अग्रि मजबूत रहें तो इसके लिए आपको जब भूख लगे तब ही खाना खाएं। भूख नहीं होने पर कुछ भी खाने से गैस और ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है। पेट खाली होने पर डाइजेस्टिव एंजाइम्स मजबूत होते है, जिससे वे भोजन को आसानी से तोड़ पाते है। इससे पाचनशक्ति मजबूत होता है।
  • जब भी खाना खाएं, तो अपने भोजन की तरफ ध्यान दें। कुछ लोग ऐसे होते है, जो अपने ऑफिस का या घर का काम करते-करते भोजन करते है। इससे पाचन तंत्र पर नकारात्मक असर पड़ता है। ऑफिस वर्क करते समय खाना, डेस्क एवं कार में बैठकर भोजन करना, इन सभी आदतों से पाचन प्रभावित होती है। खाद्य पदार्थों से आवश्यक पोषक तत्वों को अवशोषित करने के लिए सुकून से बैठकर खाएं।
  • दोपहर के भोजन करते समय पाचन अग्नि सबसे अधिक मजबूत होती है। ऐसे में दिन के समय अच्छी तरह से भोजन करना चाहिए। इससे शरीर को भरपूर पोषण की आपूर्ति होती है। आयुर्वेद के अनुसार, रात में सबसे कम और हल्का भोजन करना चाहिए, क्योंकि इस दौरान पाचन तंत्र सबसे कमजोर होता है।
  • आपको अपने खाने में दही या दही से बनी लस्सी का सेवन जरूर करना चाहिए , क्युकि दही में गुड बैक्टीरिया होते है, जो आंतों को लुब्रिकेट करते है। खाना खाने के बाद आप लस्सी पी सकते है। इससे पाचनशक्ति मजबूत होती है और भोजन आसानी से पच जाता है।
  • खाना खाने के तुरंत बाद सोने ना जाएं या कोई काम ना करें। क्युकी ऐसा करने से पाचन तंत्र की अवशोषण क्षमता कम हो जाती है, इसलिए खाना-खाने के बाद थोड़ा ब्रेक लें। शरीर को रिलैक्स होने दें। थोड़ी देर टहलनें से भी पाचन को आराम मिलता है।

उपरोक्त बातों का पालन करने के बाद भी अगर आपकी पाचन क्रिया मजबूत न हो तो इसके लिए आपको बेस्ट आयुर्वेदिक क्लिनिक में आकर अपने उपचार को करवाने के बारे में सोचना चाहिए।

पाचन शक्ति को मजबूत बनाने के लिए बेहतरीन आयुर्वेदिक उपाय!

  • आँवला पाउडर को 1 कप पानी में मिलाएँ और खाली पेट इसको पिएँ। इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है।
  • अदरक के 2 इंच छोटे टुकड़े को महीन काट लें, इसमें चुटकीभर काला नमक मिलाएँ। और खाना खाने से आधा घंटा पहले इसे खाएँ। इससे आपकी भूख भी बढ़ती है और आपकी पाचन क्रिया भी ठीक रहती है 
  • आधा चम्मच काली मिर्च को महीन पीस लें, अब इसको गुड़ के पाउडर या फिर चीनी के पाउडर में मिलाएँ। वहीं अपने पाचन को बेहतर बनाने के लिए आप इस मिश्रण को खाली पेट कुछ दिनों तक खाएँ। आयुर्वेद में काली मिर्च का इस्तेमाल बेहतर पाचन और गैस की समस्या से निजात दिलाने के लिए किया जाता है। 
  • इसके अलावा आप अपनी पाचन शक्ति को मजबूत करने के लिए अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम को शामिल करें, ताकि आपके सेहत में किसी भी तरह की आंच न आए और आपका पाचन भी दुरुस्त रहें। 

उपरोक्त आयुर्वेदिक उपायों को अपनाने से पहले बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

सुझाव :

पाचन अग्रि का स्वास्थ्य रहना बहुत जरूरी है, इसलिए अगर इनमे किसी भी तरह की दिक्कत आए तो इससे बचाव के लिए आपको दीप आयुर्वेदा हॉस्पिटल का चयन करना चाहिए, क्युकी यहाँ पर आपके पाचन शक्ति में किसी भी तरह की समस्या आने पर उसका इलाज काफी अच्छे से किया जाता है और तो और इसका इलाज आयुर्वेदिक तरीके से किया जाता है तो इसका किसी भी तरह का कोई नुकसान भी नहीं होता हमारे शरीर को। 

निष्कर्ष :

स्वास्थ्य पाचन एक स्वास्थ्य शरीर की निशानी होती है, इसलिए अगर इनमे किसी भी तरह की समस्या नज़र आए तो इससे बचाव के लिए आपको जल्द किसी अनुभवी डॉक्टर के सम्पर्क में आना चाहिए, ताकि आपको आगे चल के किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पडे।